प्लास्टिक उद्योग के अंतर्गत बहुलक माल (प्राकृतिक एवं सिंथेटिक कंपाउण्ड) के विनिर्माण की गतिविधियाँ क्रियान्वित की जाती है।
प्लास्टिक उद्योग एक विशालउद्योग है तथा प्लास्टिक की बिक्री के विनिर्माण से संबंधित क्षेत्र में बहुत से व्यक्ति प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुडे हुए है। नये रोजगार के अवसर अतिरिक्त समय का सृजन कर रहे है।
भारत के प्लास्टिक उद्योग की व्यापक बाजार की संभावना है तथा धीरे-धीरे विकसित हो रहा है।
अंतिम उपभोक्ता बाजार: ये प्लास्टिक उत्पाद होता है जिसका उपयोग घरेलू उद्देश्य के लिए किया जाता है। प्लास्टिक की गेंद, प्लास्टिक बैग, पोलिप्रोलाईन बैग, पॉलिथिन बैग, प्लास्टिक बैरल, प्लास्टिक की टोपी, प्लास्टिक का बॉटल, प्लास्टिक की टोकरी, प्लास्टिक की बेसिन, प्लास्टिक का कटोरा आदि कुछ अंतिम प्लास्टिक उत्पाद है।